आजमगढ़ - लोग देखते रह गए राह, उम्मीदों पर पानी फेर प्रयागराज चल पड़ी शारदा

लोग देखते रह गए राह, उम्मीदों पर पानी फेर प्रयागराज चल पड़ी शारदा



Posted Date: 05 Jan 2019

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आज़मगढ़। किसान टकटकी लगाए हुए हैं कि अब नहर में पानी आए तो उनकी गेंहू की फसल की सिंचाई कायदे से हो क्योंकि गेहूं की फसल की नियमित सिंचाई होना जरूरी है। नहर का पानी इसके लिए जीवनदाता सरीखा है, लेकिन नहर में एक बूंद पानी नहीं है।  

इधर विभागीय अफसरों का कहना है कि प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन की वजह से शारदा सहायक खंड 23 का पानी बाराबंकी से ही संगम की ओर मोड़ दिया गया है, इसलिए यहां तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। यह नहर लखीमपुर खीरी से बाराबंकी, सुल्तानपुर होते हुए आजमगढ़ वाया गाजीपुर में जाकर समाप्त हो जाती है।

जिले में आधे से ज्यादा किसानों की फसल की सिंचाई नहर के भरोसे होती है। शारदा सहायक खंड 23 का पानी लगभग 500 किमी दूर बाराबंकी से आता है। कुछ दिन पूर्व शारदा सहायक खंड 23 की नहर से पानी छोड़ा गया तो किसान बहुत खुश हुए थे और खेती को लेकर बहुत-सी उम्मीदें पाल लिये। अब नहर में पानी न होने से सिंचाई बाधित हो गई।

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किसान चिंता में है। किसानों का कहना है कि 15 दिन ऐसे ही रहा तो हम बर्बाद हो जाएंगे। ऐसे में किसान अपनी समस्या लेकर प्रतिदिन जिला मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से ब्लाक से लगातार जिला मुख्यालय पर किसान धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

मेंहनगर के कुशमुलिया, गोसाई की बाजार, बलडीह, इमिलिया व ठेकमा सहित सैकड़ों गांवों के किसान नहर में पानी नहीं आने से परेशान हैं। सैकड़ों एकड़ फसल इस नहर से आच्छादित होती हैं। यही हाल शारदा सहायक खंड 32 का भी है। निजामाबाद क्षेत्र के बसही, बंदेदासपुर, देवरिया, बिशौली, रै¨सहपुर, कोठिहार, लछेहरा, ओरा, भितरी, बनहरा, मधसिया, जमालपुर व शेखवलिया सहित अन्य माइनरों में पानी नहीं आ रहा है।

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BY : Saheefah Khan