राष्ट्रीय - फिर खुलने वाले हैं सबरीमाला के द्वार, कोर्ट के आदेश के बावूजद क्या इस बार मिल पाएगा महिलाओं को प्रवेश?

फिर खुलने वाले हैं सबरीमाला के द्वार, कोर्ट के आदेश के बावूजद क्या इस बार मिल पाएगा महिलाओं को प्रवेश?



Posted Date: 05 Nov 2018

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नई दिल्ली। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर इन दिनों पूरे देश में घमासान मचा हुआ है। कोर्ट द्वारा मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमित मिलने के बावजूद क्या उन्हें प्रवेश दिया जाएगा, इस बात को लेकर संशय बरकरार है। हालातों को देखते हुए फिलहाल मंदिर में महिलाओं का प्रवेश मुश्किल ही नजर आता है।

जहां एक तरफ हिंदू संगठनों ने मीडिया संस्थानों को पत्र लिखकर यहां महिला पत्रकारों न भेजने की अपील की। वहीं दूसरी तरफ सबरीमाला कर्म समिति ने भी रविवार को संपादकों को पत्र लिखकर कहा कि महिला पत्रकारों के अपने काम के सिलसिले में मंदिर में प्रवेश करने से स्थिति बिगड़ सकती है।

केवल इतना ही नहीं मंदिर के पुजारियों ने तो धमकी देते हुए कहा है कि अगर 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाएं मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश करेंगी तो सबरीमाला का कपाट बंद कर दिया जाएगा। भारी विरोध प्रदर्शन व चारों तरफ मचे घमासान के बीच सोमवार को 24 घंटे के लिए सबरीमाला मंदिर के द्वार खुलने वाले हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले महीने भी सबरीमाला के कपाट खुले थे, लेकिन भारी विरोध के बाद 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं मिल पाया था। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

श्रद्धालु और मीडियाकर्मियों को रोका गया

रविवार शाम को मंदिर जाने के लिए पहुंचे श्रद्धालु और मीडियाकर्मियों को पंबा और सन्निधानम के लिए नहीं जाने दिया जा रहा है। इसके बाद ये लोग वहां प्रदर्शन कर रहे हैं।

वहीं मामले को लेकर केरल बीजेपी अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई ने राज्य की लेफ्ट सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राज्य की वाम सरकार अयप्पा श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध लगा रही है और उनके मंदिर में प्रवेश को रोक रही है। पिल्लई ने कहा, पुलिस श्रद्धालुओं को रास्ते में रोकने का प्रयास कर रही है। निजी वाहनों को रोका जा रहा है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कोई ठिकाना नहीं है। यह लोगों के मौलिक अधिकारों पर हमला है।

सबरीमाला मंदिर के द्वार खुलने से पहले निलक्कल बेस कैंप में श्रद्धालु जमा होने शुरू हो गए हैं। कैंप के इंचार्ज मंजूनाथ एक ने कहा कि यहां पर्याप्त मात्रा में पुलिसबल तैनात हैं। हम भक्तों की गतिविधियों को नहीं रोक रहे हैं।

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राज्य सरकार ने भी सुरक्षा के भारी इंतजाम किए हुए हैं। भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पथानमिट्टा के जिलाधिकारी ने सन्निधाम, पंबा, निलक्कल और एलावुंकल में 4-6 नवंबर के बीच धारा 144 लागू कर दी है।

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BY : Indresh yadav


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