राष्ट्रीय - कमलनाथ सरकार ने कर्जमाफी के प्रस्ताव पर लगाई मुहर, 55 लाख किसानों को मिलेगा लाभ

कमलनाथ सरकार ने कर्जमाफी के प्रस्ताव पर लगाई मुहर, 55 लाख किसानों को मिलेगा लाभ



Posted Date: 05 Jan 2019

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भोपाल। मध्य प्रदेश की नई सरकार की बैठक में किसानों की कर्जमाफी पर मुहर लगा दी गई है। इसके साथ ही तारीख भी तय कर दी गई है। 12 दिसंबर तक के दो लाख रुपये के कर्ज माफ कर दिए गए हैं। जनसंपर्क मंत्री पी. सी. शर्मा और उच्च शिक्षा मंत्री जीते पटवारी ने बैठक के बाद शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस के वचन पत्र में किए गए वादे के अनुसार किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ कर दिए गए हैं, किसानों के कर्ज माफ करने की अवधि 12 दिसंबर तक की है।

मंत्रियों ने फैसले का ब्यौरा देते हुए कहा कि कन्यादान योजना के तहत अब 51 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।

राज्य के कृषि मंत्री सचिन यादव ने सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हर कदम में उनके साथ है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री का पद संभालते ही कमलनाथ ने किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की थी, लेकिन बाद में जो आदेश आया उसमें समय सीमा 30 मार्च थी, जिससे भ्रम पैदा हो गया था और सरकार की खूब किरकिरी हुई थी। भाजपा ने भी कांग्रेस पर किसानों के साथ छल करने का आरोप लगाया था। अब कैबिनेट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।

इस योजना से पूरे प्रदेश के 55 लाख किसानों को फायदा मिलेगा। सरकार ने सबसे ज्यादा जोर लघु और सीमांत किसानों को फायदा पहुंचाने पर दिया है। लगभग 35 लाख ऐसे किसानों का कर्जा माफ होगा। फिर चाहें किसानों ने सहकारी, सार्वजनिक क्षेत्र या क्षेत्रीय बैंकों से कर्ज लिया हो। 22 फरवरी से किसानों के खातों में राहत राशि पहुंचने लगेगी। विकास खंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर योजना को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी होगी। 26 जनवरी से किसानों से कर्ज माफी के फॉर्म भराए जाएंगे।

तीन तरह की सूची होगी, पहली हरी जिसमें आधार से लिंक किसान होंगे। दूसरी सफेद जिसमें गैर आधार वाले किसान होंगे, लेकिन उनके पास पहचान के कोई दूसरे दस्तावेज होंगे। इसके साथ ही तीसरी में वे किसान होंगे जिनके पास ना तो आधार होगा ना ही कोई अन्य दस्तावेज तो उन्हें भी कर्जमाफी में शामिल किया जाएगा।

किसान के खाते में 22 फरवरी से राशि आना शुरू हो जाएगी। किसानों को कर्ज मुक्ति प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे, 5 फरवरी 2019 से ग्राम पंचायत और बैंकों सूची चस्पा की जाएगी। कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि आयकर दाता सरकारी कर्मचारी अधिकारी और नेता को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिलेगा।

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BY : ANKIT SINGH