राष्ट्रीय - महिलाओं के नेल पॉलिश लगाने से है इस्लाम को ख़तरा? फतवा जारी कर बताया अवैध

महिलाओं के नेल पॉलिश लगाने से है इस्लाम को ख़तरा? फतवा जारी कर बताया अवैध



Posted Date: 05 Nov 2018

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नई दिल्ली। अक्सर मुस्लिम महिलाओं की व्यक्तिगत चीजों और इस्लाम की सुरक्षा के नाम पर एक इस्लामी शिक्षण संस्थान विवादित फतवे जारी करता रहता है। इस इस्लामी शिक्षण संस्थान का नाम है दारुल उलूम देवबंद। अब दारुल उलूम ने एक और फतवा जारी कर महिलाओं के नेल पॉलिश लगाने को इस्लाम के खिलाफ बताया है।

दारुल उलूम के मुफ्ती इशरार गौरा ने कहा कि नेल पॉलिश लगाने वाली मुस्लिम महिला के खिलाफ हमने फतवा जारी किया है, क्योंकि ये इस्लाम के खिलाफ है और अवैध है। इसकी बजाए महिलाओं को अपने नाखुनों पर मेहंदी लगानी चाहिए।

सहारनपुर का दारुल उलूम इससे पहले भी महिलाओं को लेकर कई विवादित फतवे जारी कर चुका है। देवबंद से जुड़े दारुल उलूम ने इससे पहले एक फतवा जारी कर कहा था कि वैक्सिंग और शेविंग के जरिए शरीर के बाल हटाने को तहजीब के खिलाफ बताया था। इसे शरिया कानून के तहत सही नहीं बताया गया है।

उलूम के विवादित फतवों की सूची काफी लंबी है। इससे पहले के फतवों की बात करें तो दारुल उलूम ने कहा था कि किसी अजनबी व्यक्ति से मेहंदी लगवाना शरिया के अंदर सही नहीं है। उलूम ने मुस्लिम महिलाओं को चूड़ी बेचने वालों के हाथ से चूड़ी पहनने से भी मना किया है क्योंकि ये शरिया से के हिसाब से बहुत बड़ा गुनाह है।

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दारुल उलूम ने सबसे विवादित और अजीबो-गरीब फतवा जारी कर कहा था कि बैंक की नौकरी से चलने वाले घरों में शादी न करें। ऐसे परिवार में शादी से परहेज किया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि हराम की दौलत से पले-बढ़े लोग आमतौर पर सहज प्रवृत्ति और नैतिक रूप से अच्छे नहीं होते है। ऐसे में ऐसे घरों में रिश्ता जोड़ने से परहेज करना चाहिए।

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उलूम ने जीवन बीमा को लेकर एक विवादित फतवे में कहा था कि इस्लाम में जीवन बीमा हराम है। कोई भी बीमा कंपनी इंसान की जिंदगी नहीं बचाती। इसलिए सिर्फ अल्लाह पर भरोसा होना चाहिए।


BY : Yogesh mishra


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