राजनीति - यूपी की सियासत में मची हलचल, मायावती से मिले अखिलेश, गठबंधन में कांग्रेस को लेकर...

यूपी की सियासत में मची हलचल, मायावती से मिले अखिलेश, गठबंधन में कांग्रेस को लेकर...



Posted Date: 05 Jan 2019

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लखनऊ। आगामी 2019 के लोकसभा चुनावों की आहट के चलते यूपी में सियासी पारा चढ़ने लगा है। देश की राजनीति में बेहद खास स्थान रखने वाले उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख दलों सपा और बसपा के बीच गठबंधन की चर्चा इन दिनों जोरों पर है। ऐसे में मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, शुक्रवार को अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख मायावती से मुलाकात कर सूबे की सियासत में हलचल मचा दी। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं करने पर फैसला किया गया है। वहीं अखिलेश मायावती के इस गठबंधन में छोटी पार्टियों को भी जगह नहीं मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सीट बंटवारे को लेकर मायावती और अखिलेश 15 जनवरी के बाद कोई फैसला ले सकते हैं।

इस वजह से अखिलेश नहीं करना चाहते कांग्रेस को गठबंधन में शामिल

अखिलेश यादव ने कांग्रेस से गठबंधन नहीं करने के संकेत पिछले सप्ताह ही दे दिए थे, जब उनके एकमात्र विधायक को मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया था। अखिलेश ने कहा था कि कांग्रेस अपने वादे से मुकर गई है, जबकि पार्टी को बहुमत दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

वहीं मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले मायावती ने कांग्रेस से गठबंधन करने से इनकार कर दिया था, लेकिन बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के लिए वह समर्थन देने को तैयार हो गई थीं। मायावती ने इसी हफ्ते कहा था कि अगर कांग्रेस भारत बंद के दौरान राजस्थान और मध्य प्रदेश में निर्दोष अनुसूचित जाति के लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेती है तो बीएसपी समर्थन देने पर पुनर्विचार करेगी। मायावती ने कहा था कि कांग्रेस को बीजेपी की तरह वादे से मुकरना नहीं चाहिए।

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बीएसपी और एसपी से नकारे जाने के संकेत मिलने के बाद कांग्रेस ने पिछले हफ्ते कहा था कि यूपी में लोगों को बीजेपी से मुक्ति दिलाने वाले किसी भी दल से वे गठबंधन के लिए तैयार हैं। सूत्रों के मुताबिक, हालांकि सपा बसपा द्वारा कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखने का फैसला किया गया है लेकिन इन दोनों ही दलों ने अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस के खिलाफ अपने-अपने प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला किया है। बता दें कि अमेठी और रायबरेली को सालों से कांग्रेस के गढ़ के रुप में जाना जाता है।

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BY : Indresh yadav