राजनीति - किसानों के मुद्दे पर वरुण गांधी का सवाल, देश में किसानों की ऐसी हालत क्यों हैं?

किसानों के मुद्दे पर वरुण गांधी का सवाल, देश में किसानों की ऐसी हालत क्यों हैं?



Posted Date: 07 Jan 2019

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नई दिल्ली। किसानों के मुद्दे को लेकर इन दिनों पूरे देश में चर्चाओं का बाजार गर्म है। जहां एक तरफ राहुल गांधी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर कई बार हमला बोल चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ पीएम नरेंद्र मोदी भी किसानों की कर्जमाफी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध चुके हैं। ऐसे में अब इस मामले पर बीजेपी सांसद वरुण गांधई ने अपना पक्ष रखा है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरुण गांधी ने कहा कि देश के किसानों की हालत आखिर ऐसी क्यों है। उन्होंने कहा कि देश में किसानों को अधिकतर योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। वरुण ने कहा कि देश में जब भी किसानों की मदद करने को लेकर कोई कदम उठाया जाता है तो उस पर देशभर में घमासान शुरू हो जाता है।

वरुण गांधी ने कहा कि क्या आप जानते हैं कि भारत की मंडियों में किसानों के लिए अपने उत्पाद बेचने की खातिर इंतज़ार का औसत समय 1.6 दिन है। जब उसे इतना इंतजार करना पड़ता है तो वो कई बार मजबूरन अपना उत्पाद औने पौने दाम पर बेच देता है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा देश में 1947 से बंटाईदारी अवैध है, लेकिन बिहार में 60 फीसद, झारखंड में 70%, यूपी में 50%, एमपी में 60% किसान बंटाई की ज़मीन पर खेती करते हैं और सीमांत किसान कहलाते हैं। उसे बैंकों से कर्ज नहीं मिलता और स्थानीय महाजन से उसको 40 फीसद की दर से कर्ज लेने की मजबूरी होती है। इसलिए किसानों के नाम पर आंसू मत बहाइए बल्कि रणनीतिक सुधार के लिए काम करिए।

वरुण ने कहा कि देश में होने वाले कुल फल उत्पादन का 56 प्रतिशत शुरुआती 96 घण्टे में अच्छी कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था के अभाव में सड़ जाता है। अकेले उत्तर प्रदेश में हर साल 2000 टन उत्पादन होता है और यह बीते 15 साल से हो रहा है। मगर राज्य में कुल कोल्ड स्टोरेज भंडारण क्षमता 70 से 100 टन है जिसका फायदा केवल बड़े किसान ही उठा पाते हैं।

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वरुण ने कहा कि साल 1952 से लेकर 2019 तक देश के 100 उद्योगपतियों को जितना पैसा दिया गया, उस रकम का केवल 17 फीसद धन ही केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से किसानों को अब तक दी गई। यानी देश की 70 फीसद आबादी को बीते 67 सालों में जितनी आर्थिक मदद राज्य और केंद्र सरकारों ने मिलकर दी है, उससे कई गुना ज्यादा पैसा केवल 100 धनी परिवारों को दे दिया गया।

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BY : indresh yadav