अंतरराष्ट्रीय - ब्रक्जिट सौमझौते की निंदा पर प्रधानमंत्री भड़कीं, कहा- ऐसा करने वाले लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे

ब्रक्जिट सौमझौते की निंदा पर प्रधानमंत्री भड़कीं, कहा- ऐसा करने वाले लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे



Posted Date: 06 Jan 2019

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लंदन ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने ब्रेक्जिट समझौते पर अपने सांसदों से समर्थन का अनुरोध किया है। मे ने कहा है कि यह जनमत संग्रह परिणाम का सम्मान करने और अर्थव्यवस्था की रक्षा करने का एकमात्र तरीका है। एक अंग्रेजी समचार चैनल के मुताबिक, रविवार को प्रधानमंत्री मे ने रविवार को इस बावत एक मेल भी लिखा।

इसमें उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अगर उनके आलोचक उनकी योजना का विरोध करते हैं, तो इससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचेगा। सांसदों को अगले सप्ताह इस मसले पर वोट करना है कि ब्रेक्सिट योजना का समर्थन करें या नहीं। ब्रिटेन 29 मार्च को यूरोपीय संघ (ईयू) से अलग होने वाला है, चाहे यूरोपीय संघ के साथ कोई समझौता हो या न हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनमत संग्रह के परिणाम का सम्मान करने और नौकरियों और सुरक्षा की रक्षा करने का एकमात्र तरीका यही है कि समझौते का समर्थन किया जाए। उन्होंने कहा, "किसी और के पास कोई वैकल्पिक योजना नहीं है" जो यूरोपीय संघ के जनमत संग्रह के परिणाम पर आधारित हो, नौकरियों की सुरक्षा करती हो और व्यवसायों को निश्चिंतता प्रदान करती है।

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समझौते में ब्रिटेन के ईयू से अलग होने और भविष्य के संबंधों को लेकर एक रूपरेखा पर प्रधानमंत्री और यूरोपीय संघ के बीच सहमति बन गई है, लेकिन इसे स्वीकार किए जाने से पहले संसद में सांसदों द्वारा वोट पारित करने की आवश्यकता है।

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मालूम हो कि हाउस ऑफ कॉमन्स द्वारा दिसंबर में वोट किया जाना था, लेकिन यह स्पष्ट होने के बाद कि पर्याप्त संख्या में सांसद उनके समझौते के लिए वोट नहीं करेंगे, मे ने इसे रद्द कर दिया। इस समझौते पर बुधवार को फिर से बहस शुरू होगी। वहीं 15 जनवरी को अहम वोट होने की उम्मीद है।


BY : shashank pandey