विशेष - सईद जाफरी : ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश अम्पायर से नवाज़े जाने वाले पहले भारतीय अभिनेता

सईद जाफरी : ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश अम्पायर से नवाज़े जाने वाले पहले भारतीय अभिनेता



Posted Date: 08 Jan 2019

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अपनी अदाकारी के दम पर केवल भारत ही नहीं पूरी दुनिया में परचम लहराने वाले अभिनेता सईद जाफरी का जन्म 8 जनवरी, 1929 को पंजाब के मलेरकोटला में हुआ था। वह प्रथम ऐसे भारतीय अभिनेता थे जो शेक्सपियर के नाटकों का मंचन करने युनाइटेड स्टेट्स के टूर पर गए थे। इसके अलावा वह पहले ऐसे भारतीय थे जिन्हें ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश अम्पायर (ओबीई) अवॉर्ड ड्रामा में उनके काम के लिए दिया गया।

पंजाब के एक मुस्लिम परिवार में जन्में सईद के पिता एक डॉक्टर थे। सईद ने मिंटो सर्किल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई की। उसके बाद पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री अमेरिका के कैथोलिक विश्वविद्यालय से प्राप्त की। उन्होंने लंदन के RADA अकादमी में अभिनय का प्रशिक्षण लिया तथा कई ब्रिटिश अमेरिकन और भारतीय फिल्मों में अभिनय किया।

फर्राटेदार अंग्रेज़ी बोलने वाले सईद की हिंदी और उर्दू पर भी गज़ब की पकड़ थी। बचपन में वह बहुत अच्छी मिमक्री करते थे। स्कूल के दिनों में ही उन्होंने अपने टीचरों की नकल उतारना शुरु कर दिया था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक थिएटर कंपनी युनिटी थिएटर की स्थापना के साथ की। यह कंपनी दिल्ली में स्थापित की गई थी।

उनके थिएटर में टेनिसी विलियम, क्रिटोफर फ्रेय, विल्डे और शेक्सपियर की कृतियों पर काम किया गया। सईद जाफरी विदेशी अभिनेताओं में सीन कॉनेरी, माइकल कैने और पिअर्स ब्रॉनसन जैसे बड़े नामों के साथ काम किया है। 1980-1990 के दशक में विभिन्न बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया। पियर्स ब्रोसनन, शॉन कोनरी और माइकल केन जैसे अंतर्राष्ट्रीय नाम सईद जाफरी के सह कलाकार रह चुके हैं। वहीं सईद ने तंदुरी नाइट्स और ज्वेल इन द क्राउन जैसे टेलीविज़न कार्यक्रमों में भी काम किया।

उन्हें 1950 से 1960 तक अमेरिका में भारतीय सरकार के पर्यटन विभाग के पब्लिसिटी और एडवरटाइज़िग डायरेक्टर तौर पर नियुक्त किया गया। उनको 80 और 90 के दशक में ब्रिटेन में एशिया मूल के सबसे बेहतर अभिनेता के रुप में माना गया। उन्होंने महात्मा गांधी के जीवन पर बनी रिचर्ड एडिनबरा की ऑस्कर विजेता फिल्म ‘गांधी’ (1982) में सरदार वल्लभ भाई पटेल की भुमिका निभाई थी।

1978 में आई सत्यजीत रे की फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ में मीर रोशन अली के किरदार के फिल्मफेयर की ओर से सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने ‘हिना (1991)’, ‘राम तेरी गंगा मेली’ (1985), ‘दिल’, ‘किशन कन्हैया’, ‘घर हो तो ऐसा’ जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय किया था।

1978 में उन्हें फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 1998 में सईद ने अपने जीवन पर आधारित संस्मरण जारी किया जिसमें उन्होंने अपने जीवन के हर पहलू पर लिखा।

अंतिम दिनों मे सईद लंदन में शिफ्ट हो गए थे तथा फिल्मों से दूरी बना ली। 15 नवंबर, 2015 को ब्रेन हेमरेज के कारण लंदन में ही उनका निधन हो गया। 2016 में उन्हे पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  


BY : Saheefah Khan