राजनीति - चयन समिति की बैठक के बाद फिर हरकत में दिखे राहुल, पूछा- CBI निदेशक को हटाने की जल्दबाजी क्यों?

चयन समिति की बैठक के बाद फिर हरकत में दिखे राहुल, पूछा- CBI निदेशक को हटाने की जल्दबाजी क्यों?



Posted Date: 10 Jan 2019

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई निदेशक पद पर आलोक वर्मा की बहाली के बाद एक बार फिर इस मामले पर राजनीति शुरू हो गई है। आलोक वर्मा के पद पर बने रहने के मामले में राहुल गांधी ने पीएम मोदी को निशाने पर लिया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से नया सवाल दागते हुए पीएम मोदी से पूछा कि सीबीआई चीफ को वे (मोदी) हटाने के लिए इतनी जल्दबाजी में क्यों हैं। ख़ास यह है कि उनका यह सवाल बीते दिन यानी बुधवार को हुई चयन समिति की बैठक के ठीक एक दिन बाद आया है।

बता दें लंबे समय से सीबीआई में छिड़ी जंग के बाद छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने बीते मंगलवार को अपने पद पर बहाल कर दिया था।

खबरों के मुताबिक़ राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीबीआई चीफ को हटाने की जल्दबाजी क्यों है?  वे सीबीआई चीफ को चयन समिति के समक्ष अपना केस रखने की अनुमति क्यों नहीं देंगे? उत्तर - राफेल।'

उनके इस सवाल के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वर्मा के खिलाफ मोदी सरकार बड़ा फैसला ले चुकी है। गौरतलब है कि चयन समिति में प्रधानमंत्री, विपक्षी दल के नेता और प्रधान न्यायाधीश शामिल होते हैं।

हालांकि, राहुल गांधी के इस ट्वीट के बाद चयन समिति की बैठक में मौजूद रहे कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि आज शाम 4 बजे बैठक होनी है।

बुधवार को हुई बैठक में हमने कहा कि हमें सीवीसी रिपोर्ट नहीं मिली है और रिपोर्ट के मिलने तक हम अपना रुख स्पष्ट नहीं कर सकते। इसलिए आज हम 4:30 बजे बैठक करेंगे और उनकी बातों को सुनेंगे।

वहीं राहुल गांधी आरोप लगा चुके हैं कि राफेल घोटाले को छिपाने के लिए मोदी सरकार ने सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को पद से हटाने का फैसला लिया था।

बता दें सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के बारे में फैसला करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति की बुधवार को बैठक हुई। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

नियमों के मुताबिक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली इस समिति में चीफ जस्टिस या सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष शामिल होते हैं। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ए के सिकरी को इस बैठक में शामिल होने के लिए नामित किया था।

न्यायमूर्ति गोगोई उस पीठ का हिस्सा थे, जिसने मंगलवार को वर्मा को सीबीआई निदेशक पद पर बहाल करने का आदेश दिया था।

फिलहाल लोकसभा में कोई विपक्ष का नेता नहीं है, क्योंकि किसी भी विपक्षी दल को कुल सदस्यों की 10 फीसद सीटें नहीं मिली थीं।

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मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभा में विपक्ष के सबसे बड़े दल कांग्रेस के नेता हैं। शीर्ष अदालत ने सरकार से अपने फैसले के हफ्ते दिन के अंदर ही समिति की बैठक बुलाने को कहा था।

अधिकारियों ने बताया कि लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री के निवास पर चयन समिति की बैठक हुई लेकिन उसके नतीजे के बारे में फिलहाल कुछ नहीं पता चल पाया है।

बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने बिना किसी विस्तृत जानकारी के इस बात का खुलासा किया कि इस मामले में जल्द ही दोबारा बैठक होगी। फिलहाल अभी सरकार की ओर से इस बैठक के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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BY : Ankit Rastogi