राष्ट्रीय - RBI और केंद्र में रार पर हमलावर विपक्ष की एक झटके में होगी बोलती बंद, भाजपा को मिला ब्रह्मास्त्र!

RBI और केंद्र में रार पर हमलावर विपक्ष की एक झटके में होगी बोलती बंद, भाजपा को मिला ब्रह्मास्त्र!



Posted Date: 05 Nov 2018

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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र की मोदी सरकार के बीच तनातनी अब एक आक्रामक मोड़ पर आती दिखाई दे रही है। जहां एक ओर केंद्र की इस बात पर कि ‘सरकार आरबीआई पर ब्याज दरों में कटौती करने के लिए दबाव बना रही है। साथ ही इस संबंध में आरबीआई को एक लेटर भी जारी किया गया।’ विपक्ष लगातार हमलावर बनी हुई है। वहीं अब ताजा मामले में केंद्र सरकार विपक्ष के हमले का वाजिब जवाब देकर उनका मुंह बंद करने के लिए देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू के द्वारा लिखे गए पत्र का इस्तेमाल कर सकती है।

बता दें इस पत्र में नेहरू जी ने साफ़ किया था कि आरबीआई केंद्र सरकार के तहत ही काम करती है। यदि वह बेलगाम होकर केंद्र के विरोध में जाए तो ये सही नहीं है।

खबरों के मुताबिक़ आरबीआई और केंद्र के बीच तनातनी पर हमलावर विपक्ष को माकूल जवाब देने के लिए नेहरू और सर बेनेगल रामराव के बीच हुए पत्राचार को आधार बनाया जा सकता है।

बता दें उस दौरान रामाराव ने सरकार से मतभेद के बाद आरबीआई गवर्नर के पद से इस्तीफा दे दिया था।

ध्यान रहे, राव आरबीआई के चौथे गवर्नर थे, जिन्होंने साढ़े सात साल के कार्यकाल के बाद जनवरी 1957 में इस्तीफा दे दिया था।

विवाद बजट के एक प्रस्ताव को लेकर था। उस वक्त नेहरू ने वित्त मंत्री टीटी कृष्णनामचारी का पक्ष लिया था और साफ किया था कि आरबीआई ‘सरकार की ही विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा है।’

नेहरू ने जनवरी 1957 में लिखा, ‘आरबीआई को सरकार को सलाह देना है, लेकिन उसे सरकार की लाइन पर रहना है।’

नेहरू ने यह भी सुझाव दिया था कि अगर राव को ऐसे जारी रखना संभव नहीं दिखता तो वे इस्तीफा दे सकते हैं। इसके कुछ दिन बाद राव ने इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने तत्कालीन वित्त मंत्री के बर्ताव को रुखा बताया था। वहीं, वित्त मंत्री ने आरबीआई को वित्त मंत्रालय का ही एक ‘हिस्सा’ बताया था। जबकि, नेहरू का मानना था कि अगर केंद्रीय बैंक किसी और नीति का पालन करता है तो ‘बेहद बकवास’ बात होगी क्योंकि वह सरकार के लक्ष्यों या तरीकों से सहमत नहीं नजर आएगी।

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हाल ही में ये चर्चा थी कि केंद्र ने आरबीआई को निर्देश देने के लिए आरबीआई ऐक्ट के उस सेक्शन 7 का इस्तेमाल किया, जिसका आजादी के बाद से आज तक कभी भी किसी सरकार ने इस्तेमाल नहीं किया।

आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफा देने की आशंकाओं, केंद्रीय बैंक और सरकार के बीच तल्खी की खबरों के बीच विपक्षी पार्टी कांग्रेस लगातार हमलावर होती जा रही है।

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ऐसे में विपक्ष के हमले की धार को कुंद करने के लिए बीजेपी देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू का इस्तेमाल कर सकती है।


BY : Ankit Rastogi


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