लाइफस्टाइल - सावधान! आपमें भी किसी ख़ास के लिए झलक रहे ये Symptoms तो समझिये प्यार नहीं O-L-D का बुखार है ये

सावधान! आपमें भी किसी ख़ास के लिए झलक रहे ये Symptoms तो समझिये प्यार नहीं O-L-D का बुखार है ये



Posted Date: 10 Jan 2019

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क्या आप भी कभी किसी के प्यार में इतना गिरफ्तार हुए हैं कि वह प्यार जुनून में बदल गया हो? अपने प्यार को इंप्रेस करने के लिए दर्जनों बॉलीवुड गाने गाए हों या फिर प्यार में धोखा खाकर आपकी ज़िदगी से रुचि ही खत्म हो गयी हो? अगर ऐसा है तो हम आपकी मदद करने को हैं तैयार क्योंकि आपमें OLD भी हो सकता है।

अमेरिका की एक महिला ने अपने प्रेमी के प्यार में पागल होकर उसे 65,000 मैसेज भेजे। दोनों एक डेटिंग वेबसाइट पर मिले थे और महिला उस आदमी को पसंद करने लगी जबकि उस व्यक्ति ने उसके प्रस्ताव को खारिज कर दिया तो वो उसे स्वीकार नहीं कर पायी और लगातार उसे ब्लैकमेल करने लगी। इतना ही नहीं वह उस व्यक्ति के घर तक पहुंच गई। बात इतनी बढ़ गई कि पुलिस को उसे गिरफ्तार करके जेल भेजना पड़ गया।

जब महिला पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने कहा कि उससे मिलकर मुझे ऐसा लगा जैसे मेरा सोलमेट मिल गया हो। वो बहुत क्यूट है, मुझे अंदाज़ा नहीं था कि मेरे मैसेज से वो इतना परेशान हो जाएगा। अगर आप सोच रहे हैं कि वह महिला ने यह अपने इश्क में ऐसा किया है तो ये आपकी गलतफहमी है।

प्यार में पागल हुए लोग न जानें क्या-क्या कर डालते हैं। कभी माशूका की हां के इंतज़ार में कोई आशिक महीनों घर के बाहर ही बैठा रह जाता है तो कभी किसी के प्यार के पागल में प्रेमिका अपने ही परिवार वालों की जान ले लेती है। ऐसी घटनाएं रोज़ अखबार की सुर्खियां बनती रहती हैं।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक ‘ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर’ (OLD) है। यह एक सॉइकोलाजिकल कंडीशन है जिसमें लोग किसी एक शख्स पर असामान्य रुप से मुग्ध हो जाते हैं और उन्हें लगता है कि वो उससे प्यार करते हैं। उन्हें ऐसा लगने लगता है कि उस शख्स पर सिर्फ उनका हक है और उसे भी बदले में उनसे प्यार करना चाहिए।

अगर दूसरा शख्स उनसे प्यार नहीं करता तो वो उसे स्वीकार नहीं कर पाते हैं और उसकी भावनाओं पर पूरी तरह काबू पाना चाहते हैं। आमतौर पर यह भावनाएं लोगों मे उस वक्त भी देखने को मिलती हैं जब वो प्यार में होते हैं लेकिन जब ये भावनाएं असामान्य रुप से बढ़ जाएं तो मुमकिन है कि वह व्यक्ति ‘ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर’ से गुज़र रहा हो।

इस बीमारी का मुख्य कारण आत्मविश्वास की कमी और असुरक्षा की भावना भी ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर की बड़ी वजहें हैं। ऐसा भी देखने में आया है कि जिन लोगों को बचपन और किशोरावस्था में परिवार या करीबियों का प्यार नहीं मिलता बाद में वो कभी न कभी ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर से गुज़रते हैं। इस डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति न केवल खुद को नुकसान पहुंचाता है बल्कि दूसरे इंसान को भी मुश्किल में डाल रहा होता है। महिला और पुरुष दोनो ही इस डिसऑर्डर के शिकार हो सकते हैं।

अगर आपको ऐसा लगता है कि कोई व्यक्ति बहुत अधिक प्रभावित कर रहा है और उसकी वजह से आपके खाने-पीने, नींद और काम में उसकी वजह से खलल पड़ रहा है तो आपको सॉइकोलाजिस्ट की मदद की ज़रुरत है।

काउंसलिंग और थेरेपी के ज़रिए ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आम तौर पर कांउसलिंग या थेरेपी पांच-छह सेशन में इसका असर कम होने लगता है और धीरे-धीरे इंसान सामान्य हो जाता है।


BY : Saheefah Khan