राष्ट्रीय - राजनीतिक दलों की मनमानी होगी खत्म, अब वोटिंग से 72 घंटे पहले जारी करना होगा ‘घोषणा पत्र’

राजनीतिक दलों की मनमानी होगी खत्म, अब वोटिंग से 72 घंटे पहले जारी करना होगा ‘घोषणा पत्र’



Posted Date: 11 Jan 2019

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नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव तारीख से ठीक पहले घोषणा पत्र जारी करने की मनमानी पर एक अहम फैसला लिया है। आयोग ने इस बावत सभी दलों के समय सीमा निर्धारित कर दी है। इसके तहत राजनीतिक पार्टियों को मतदान से 72 घंटे पहले ही चुनावी घोषणा पत्र जारी करना होगा। हालांकि, आयोग ने इस पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगाई है। लेकिन, प्राप्त जानकारी के मुताबिक, निर्वाचन आयोग द्वारा गठित कमेटी ने आदर्श आचार संहिता में संशोधन करने की सिफारिशें की है।

चुनाव आयोग द्वारा गठित कमेटी ने चुनावी प्रचार पर रोक का दायरा सोशल माडिया, इंटरनेट, केबल चैनल्स और प्रिंट मीडिया के ऑनलाइन संस्करणों तक बढ़ाने की बात कही है। इसके अलावा सोशल मीडिया एजेंसी को राजनीतिक प्रचार की चीजों को अन्य सामग्री से अलग करके पार्टी और उम्मीदवार के इन माध्यमों पर खर्ची गई रकम का भी हिसाब रखने का ज़िक्र किया गया है। मालूम हो कि चुनाव आयोग ने इस 14 सदस्यों वाली कमेटी का गठन पिछले साल मीडिया के प्रसार को देखते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुच्छेद-126 की समीक्षा के लिए किया था।

इस कमेटी की अध्यक्षता उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने की है। गुरूवार को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्त अशोक लवासा को सौंप दी। बता दें कि कमेटी में आयोग के नौ अन्य सदस्यों के अलावा सूचना और प्रसारण मंत्रालय, कानून मंत्रालय, आईटी मंत्रालय, नेशनल ब्रॉडकास्ट एसोसिएशन और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के एक- एक नामित सदस्य शामिल थे।

गौरतलब है कि वर्तमान में राजनीतिक पार्टियों पर घोषणापत्र जारी करने को लेकर कोई बंदिश नहीं है। यही वजह है कि चुनावी लाभ के लिए सभी दल अपने घोषणा पत्र को जारी करने में जानबूझकर देरी करते हैं।

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वे दूसरी पार्टी के घोषणापत्र का इंतजार करते हैं। जिससे प्रतिस्पर्धी पार्टी के वायदों को देखकर वह अपनी रणनीति तैयार कर सके। अब चुनाव आयोग ने कह दिया है कि मतदान की तारीख से 72 घंटे पहले ही राजनीतिक पार्टियों को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करना होगा।

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BY : shashank pandey