विशेष - नरेंद्र मोदी : चाय बेचने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक का सफर

नरेंद्र मोदी : चाय बेचने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक का सफर



Posted Date: 05 Jan 2019

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नरेंद्र दामोदमरदास मोदी स्वस्तंत्र भारत के ऐसे प्रथम प्रधानमंत्री हैं जो भारत में ही जन्में हैं। इससे पहले वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मोदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य हैं।

वडनगर के एक गुजराती परिवार 17 सिंतबर, 1950 में पैदा हुए, मोदी ने अपने बचपन में चाय बेचने में अपने पिता की मदद की और बाद में अपना खुद का चाय का स्टाल चलाया। उनका परिवार ‘मोध-घांची-तेली’ समुदाय से था जिसे भारत सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के रुप में वर्गीकृत किया जाता है। आठ साल की उम्र में वे आरएसएस से जुड़े, जिसके साथ एक लंबे समय तक संबधित रहे।

उनकी प्रांरभिक शिक्षा वडनगर में हुई। गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक करने के बाद उन्होंने अपना घर छोड़ दिया। मोदी ने दो साल तक देश भर की यात्रा की और कई धार्मिक केंद्रों का दौरा किया। 1969 में वे गुजरात लौटे और अहमदाबाद चले गए। 1971 में वह आरएसएस के पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गए। 1975 में देश भर में आपातकाल की स्थिति के दौरान उन्हें कुछ समय के लिए छिपना पड़ा।

1985 में वे बीजेपी से जुड़े और 2001 तक पार्टी पदानुक्रम के भीतर कई पदों पर कार्य किया, जहां से वे धीरे धीरे सचिव के पद पर पहुंचे। 2001 में आए गुजरात भूकंप के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के असफल स्वास्थ्य और खराब सार्वजनिक छवि के कारण नरेंद्र मोदी को 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।

2002 में गुजरात में भीषण दंगे हुए जिसमें उनके प्रशासन की खूब आलोचना हुई। माना जाता है उन्होंने दंगाइयों को कुछ समय की छूट दे रखी थी कि इतने समय में जो चाहो कर लो। जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) को अभियोजन पक्ष की कार्यवाही शुरु करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला।

2011 में टाइम्स ऑफ इंडिया ने यह आरोप लगाया कि रिपोर्ट में कुछ तथ्य जानबूझ कर छिपाये गये हैं और सबूतों के अभाव में नरेंद्र मोदी को अपराध मुक्त नहीं किया जा सकता। इंडियन एक्सप्रेस ने यह भी लिखा कि रिपोर्ट में मोदी के विरुद्ध साक्ष्य न मिलने की बात भले ही की हो किन्तु अपराध से मुक्त तो नहीं किया।

उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा और 282 सीटें जीतकर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। जिसके पश्चात वह देश के प्रधानमंत्री बने। उन्हें सबसे अधिक विदेश यात्रा करने वाला प्रधानमंत्री माना जाता है। उनके राज में भारत का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एवं बुनियादी सुविधाओं पर खर्च तेज़ी से बढ़ा। वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेता माने जाते हैं। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर वो सबसे ज़्यादा फॉलोअर वाले भारतीय नेता हैं।

समस्त भारतीयों को अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा में समावेशन हेतु प्रधानमंत्री जन धन योजना का आरंभ किया। रक्षा उत्पादन क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति दी। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद 2 अक्टूबर 2014 को देश में साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत अभियान का शुभारम्भ किया जिसके तहत सरकार ने जागरुकता अभियान के तहत लोगों को सफाई के लिए प्रेरित करने की दिशा में कदम उठाए।

देश की आम जनता की बात जानने और उन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के माध्यम से मोदी ने लोगों के विचारों को जानने की कोशिश की और साथ ही साथ उन्होंने लोगों से स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़ने की अपील की।


BY : Saheefah Khan