कारोबार - छोटी इकाइयों को मिल सकती है राहत, GST परिषद की मंत्रिस्तरीय समितियों की बैठक आज

छोटी इकाइयों को मिल सकती है राहत, GST परिषद की मंत्रिस्तरीय समितियों की बैठक आज



Posted Date: 06 Jan 2019

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नई दिल्ली। माल एवं सेवाकर (जीएसटी) परिषद की मंत्रिस्तरीय दो समितियों की बैठक रविवार यानी आज होगी। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, बैठक के दौरान एक समिति सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) को राहत देने के लिए और दूसरी समिति आपदा उपकर की एक नयी व्यवस्था किए जाने की संभावनाओं पर विचार के लिए बनायी गयी है। 

एमएसएमई पर छह सदस्यीय समिति के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला हैं। एमएसएमई पर छह सदस्यीय समिति के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला हैं। इस समय सालाना 20 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाली एमएसएमई इकाइयों के लिए माल और सेवाकर का पंजीकरण कराने से छूट मिली हुई है।

अधिकारियों के अनुसार यह समिति रविवार की बैठक में नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के सामने उठ रही परेशानियों पर चर्चा करेगी और पंजीकरण से छूट की सालाना कारोबार की न्यूनतम सीमा को और ऊंचा किए जाने की संभावनाओं पर विचार करेगी। 

इस समिति का गठन अगस्त में किया गया था। इसमें बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, असम के वित्त मंत्री हिमंत विश्वशर्मा, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष शिशोदिया, केरल के वित्त मंत्री थॉमस आइजैक और पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल शामिल हैं। प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत और पुनर्वास आदि कार्यों के लिए आपदा सेस का प्रावधान किए जाने पर विचार के लिए गठित समिति की अध्यक्षता सुशील मोदी कर रहे हैं।

समिति में असम, केरल और पंजाब के वित्त मंत्रियों के अलावा ओडिशा के वित्त मंत्री शशि भूषण बेहरा, महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुंगटिवार और उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत शामिल हैं। जीएसटी परिषद नयी कर व्यवस्था में सर्वोच्च निर्णायक निकाय है। इसके अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली है।

जीएसटी परिषद की अगली बैठक 10 जनवरी को होगी। इसमें निर्माणाधीन मकानों और फ्लैटों पर जीएसटी की दर को 12 से घटा कर 5 प्रतिशत किए जाने के सुझाव पर फैसला किया जा सकता है। उस बैठक में छोटे आपूर्तिकर्ताओं के लिए एकमुश्त कर योजना और लाटरी पर कर को युक्तिसंगत बनाने पर भी विचार किया जा सकता है। इस समय राज्यों द्वारा आयोजित लाटरी योजनाओं पर 12 प्रतिशत की दर से तथा राज्यों द्वारा अधिकृत लाटरी योजनाओं पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगती है।

नई दिल्ली। माल एवं सेवाकर (जीएसटी) परिषद की मंत्रिस्तरीय दो समितियों की बैठक रविवार यानी आज होगी। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, बैठक के दौरान एक समिति सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) को राहत देने के लिए और दूसरी समिति आपदा उपकर की एक नयी व्यवस्था किए जाने की संभावनाओं पर विचार के लिए बनायी गयी है।

एमएसएमई पर छह सदस्यीय समिति के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला हैं। एमएसएमई पर छह सदस्यीय समिति के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला हैं। इस समय सालाना 20 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाली एमएसएमई इकाइयों के लिए माल और सेवाकर का पंजीकरण कराने से छूट मिली हुई है।

अधिकारियों के अनुसार यह समिति रविवार की बैठक में नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के सामने उठ रही परेशानियों पर चर्चा करेगी और पंजीकरण से छूट की सालाना कारोबार की न्यूनतम सीमा को और ऊंचा किए जाने की संभावनाओं पर विचार करेगी।

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इस समिति में असम, केरल और पंजाब के वित्त मंत्रियों के अलावा ओडिशा के वित्त मंत्री शशि भूषण बेहरा, महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुंगटिवार और उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत शामिल हैं। जीएसटी परिषद नयी कर व्यवस्था में सर्वाच्च निर्णायक निकाय है। इसके अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली है।  

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BY : shashank pandey