राष्ट्रीय - मंत्रालय बनाए जाने के बावजूद भी पावन नहीं हो पा रही गंगा, ये रहा मुख्य कारण

मंत्रालय बनाए जाने के बावजूद भी पावन नहीं हो पा रही गंगा, ये रहा मुख्य कारण



Posted Date: 10 Jan 2019

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नई दिल्ली। मोदी सरकार में गंगा सफाई को लेकर काफी जोर देने की बातें अक्सर कही जाती हैं। लेकिन हकीकत की जमीन पर आंकड़े कुछ और ही कहते हैं। गंगा सफाई के लिए बीजेपी द्वारा बाकायदा मंत्रालय बनाए जाने के बावजूद गंगा पवित्र नहीं हो पा रही है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, गंगा की हालत दिखाने वाले आंकड़े क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की करीब 6 हफ्तों की पड़ताल के बाद सामने आए हैं।

 

यह सर्वेक्षण 1 दिसंबर 2018 से 15 दिसंबर 2018 तक किया गया। इस सर्वे में मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर द्वारा फोकस किए गए चार प्राथमिकता वाली जगहों को फोकस किया गया। सर्वे में सफाई, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सर्विस, ड्रेनेज सिस्टम और स्थानीय स्तर पर बने सॉलिड वेस्ट प्लांट को शामिल किया गया।

सामने आई इस रिपोर्ट के अनुसार, गंगा बेसिन के केवल 19 कस्बों में एक म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्लांट मौजूद था। यह भी सामने आया कि 33 कस्बों के कम से कम एक घाट पर ठोस कचरा मौजूद है। इसके अलावा 72 कस्बों में पुराने डम्पसाइट्स हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, रामनगर, और कानपुर सहित 13 शहरों के नाले सीधे गंगा में गिरते हैं। उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश सहित 10 शहरों में भी ऐसी ही स्थिति है।

स्टॉक टेकिंग वर्कशॉप में गंगा सफाई पर इस रिपोर्ट को पेश किया गया। जहां सभी राज्य प्रभारियों से फरवरी 2019 तक गंगा को लेकर हर स्तर के आंकड़े अलग अलग पेश करने को कहा गया है। इस मुद्दे पर नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के डायरेक्टर राजीव रंजन मिश्रा ने कहा, उनकी टीम मार्च के मध्य तक मूल्यांकन कर लेगी।

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पश्चिम बंगाल में गंगा से सटे करीब 78 फीसदी कस्बों के नाले सीधे नदी में गिरते हैं। पांच राज्यों के किनारे बसे सभी 97 कस्बों में हुए तीसरे पक्ष की पड़ताल से यह आंकड़े सामने आए हैं। पड़ताल में सामने आए आकड़ों के मुताबिक, कुल मिलाकर 97 में से 66 कस्बों में कम से कम एक नाला गंगा में गिरता है। इनमें से 31 पश्चिम बंगाल में थे। गंगा के किनारे बसे सबसे ज्यादा कस्बे (40) पश्चिम बंगाल में हैं।

पश्चिम बंगाल के बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है। जहां के 21 कस्बे गंगा किनारे स्थित हैं। इस कड़ी में बिहार (18), उत्तराखंड (16) और झारखंड (2) राज्य आते हैं।

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BY : Indresh yadav