राष्ट्रीय - सबरीमाला पर घमासान जारी, महिलाओं को प्रवेश ना मिलने पर भड़के श्रद्धालु, मीडियाकर्मी को बनाया निशाना

सबरीमाला पर घमासान जारी, महिलाओं को प्रवेश ना मिलने पर भड़के श्रद्धालु, मीडियाकर्मी को बनाया निशाना



Posted Date: 06 Nov 2018

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तिरुवनंतपुरम। केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश को लेकर घमासान जारी है। मंदिर समिति सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को मानने को तैयार नहीं, जिसमें कहा गया है कि मंदिर में सभी उम्र व वर्ग की महिलाएं प्रवेश ले सकती है। उधर, महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को श्रद्धालुओं ने मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया। इस दौरान एक फोटो पत्रकार घायल हो गया है।

दरअसल, सोमवार को भारी सुरक्षा के दो दिवसीय विशेष पूजा के लिए भगवान अयप्पा मंदिर के कपाट खोले गये। लेकिन इस दौरान मासिक धर्म की उम्र सीमा में आने वाली महिलाओं को मंदिर प्रांगण में प्रवेश नहीं मिला। जिससे श्रद्धालुओं में विरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई।

पुलिस के मुताबिक, अपने बेटे के साथ दर्शन करने आई एक महिला ने अपनी उम्र 52 साल बताई। मंदिर प्रशासन उस महिला की उम्र को सही मानने से इनकार कर रहा है।

प्रदर्शन के बीच पत्रकारों पर पंबा बेस कैंप के पास हमले किए गये। जिसमें एक कैमरामैन घायल हो गया। मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ विरोध को देखते हुए इलाके में तीन दिन के लिए धारा 144 लागू की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर 5000 जवान भी तैनात किए गए। उधर, हिंदू संगठनों ने मीडिया संस्थानों से न्यूज कवर करने के लिए महिला पत्रकार न भेजने की अपील की।

मंदिर समिति ने कहा- ना भेजें महिला पत्रकार

सबरीमाला कर्म समिति ने अपने पत्र में 10 से 50 साल तक की महिला पत्रकारों को कवरेज के लिए नहीं भेजने के लिए कहा था। समिति का कहना है कि महिला पत्रकारों के आने से स्थिति और बिगड़ सकती है।

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28 सितंबर को SC ने सुनाया था फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश का फैसला सुनाया था। पहले यहां 10 साल की बच्चियों से लेकर 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी थी। यह प्रथा 800 साल से चली आ रही थी।

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BY : shashank pandey


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