आजमगढ़ - ठिठुरन भरी सर्दी में बेसहारा पशु सड़क पर भटकने को मजबूर, गौशाला में नहीं मिला ठिकाना

ठिठुरन भरी सर्दी में बेसहारा पशु सड़क पर भटकने को मजबूर, गौशाला में नहीं मिला ठिकाना



Posted Date: 08 Jan 2019

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आज़मगढ़। गोवंश की हत्या को लेकर देश में अबतक सैकड़ों लोगों की जानें जा चुकी हैं, समय-समय पर इसे लेकर राजनीति भी गरमा जाती है। लेकिन उसी गोवंश को बचाये रखने में प्रशासन और समाज की कोई रुचि नहीं दिखाई देती। जिले के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि प्रशासन दावा कर रहा कि बेसहारा पशुओं को जिले की पंजीकृत गोशालाओं में सुरक्षित रखा जाएगा।

अभियान के क्रम में सोमवार को लगभग एक दर्जन पशु श्रीकृष्ण गोशाला पहाड़पुर में रखे भी गए, लेकिन जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी जैसे ही लखनऊ रवाना हुए इधर, गोशाला संचालन करने वालों ने बेसहारा पशुओं को लेने से इन्कार कर दिया। आखिरकार, पांच हजार रुपये एडवांस जमाकर नगर पालिका प्रशासन को आठ बेसहारा पशुओं को दूसरी गोशाला में रखा गया।

जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका कर्मचारी सोमवार की सुबह पांच बजे बेलइसा मंडी के समीप पहुंच गए, जहां सड़क पर घूम रहे आठ गो-वंश को पकड़ लिया। नगर पालिका कर्मचारी कैटल कैचर वाहन से उन्हें लेकर श्रीकृष्ण गोशाला पहाड़पुर पहुंचे, जहां गोशाला प्रबंधन लेने से इन्कार कर दिया।

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काफी देर तक भटकने के बाद दोपहर लगभग एक बजे अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी से फोन पर संपर्क किया। डीएम ने लाहीडीह स्थित गोशाला के प्रबंधक से बात की। इसके बाद पकड़े गए पशुओं को लाहीडीह ले जाने का निर्देश दिया। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि पांच हजार रुपये चारा के लिए गोशाला प्रबंधन को देकर पकड़े गए पशु को सुरक्षित रखा गया।

बता दें कि अभी हाल ही में गोवंश की हत्या को लेकर सहारनपुर में हिंसा हो गयी थी जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध सिंह भीड़ को नियंत्रण करने में अपनी जान गवां बैठे थे। उसके बाद इस गोकशी पर देश में राजनीति गर्मा गयी थी लेकिन जिले उसी गोवंश का यह हाल है कि कड़ाके की ठंड में बेसहारा सड़क पर भटकने को मजबूर है।

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BY : Saheefah Khan