राष्ट्रीय - लालू मकर संक्रांति घर में मनाएंगे या जेल में, जमानत पर कोर्ट सुनाएगी 11 जनवरी को फैसला

लालू मकर संक्रांति घर में मनाएंगे या जेल में, जमानत पर कोर्ट सुनाएगी 11 जनवरी को फैसला



Posted Date: 05 Jan 2019

43
View
         

रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत अब 11 जनवरी को फैसला सुनाएगी। उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए लालू के लिए जमानत की मांग की। उन्होंने मुंबई अस्पताल की ओर से जारी सर्टिफिकेट और उन बीमारियों की सूची कोर्ट को सौंपी, जिससे राजद प्रमुख ग्रसित हैं। हालांकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकील ने लालू की जमानत का विरोध किया। सूत्रों के मुताबिक राजद सुप्रीमों डायबीटिज, क्रॉनिक किडनी और हार्ट समेत करीब 11 गंभीर बीमारियों का इलाज करा रहे हैं।

मामले को लेकर जहां एक तरफ लालू यादव समर्थक न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास जताते हुए अपने नेता को जमानत मिलने की उम्मीद जता रहे हैं वहीं विरोधी जमानत मांगने की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। लोजपा संसदीय दल के नेता चिराग पासवान कहते हैं कि लालू तो रांची से ही महागठबंधन चला रहे हैं, वह अंदर रहें या बाहर, क्या फर्क पड़ता है।

ऐसे में सबकी निगाहें कोर्ट के आदेश पर टिकी थी, जो अब सुरक्षित रख लिया गया है। कोर्ट का फैसला तय करेगा कि लालू मकर संक्रांति के दिन चूड़ा-दही पटना स्थित आवास पर खाएंगे या जेल (अस्पताल) में। जहां एक तरफ पटना में लालू आवास पर बड़े नेता राबड़ी देवी व तेजस्वी यादव से मिल रहे हैं वहीं दूसरी तरफ लालू की जमानत से पहले समर्थकों की धड़कने बढ़ी हुई है।

गौरतलब है कि देवघर कोषागार से धन निकासी के मामले में लालू को 23 दिसंबर 2017 को दोषी ठहराया गया था। वह अपने इलाज के लिए पिछले साल मई में अस्थायी जमानत पर बाहर आए थे। लेकिन अगस्त में उन्होंने अदालत के आदेश पर आत्मसमपर्ण कर दिया था।

लालू चारा घोटाला मामले के चार मामलों में दोषी ठहराए गए थे और उन्हें 14 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। वह इस समय रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती हैं।

यह भी पढ़ें : क्या राहुल बनेंगे पीएम? बोलीं स्मृति ईरानी- ‘ऐसे मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने से किसने मना किया है’

बता दें कि रांची के होटवार जेल में अपनी सजा काट रहे लालू को पहले भी औपबंधिक जमानत मिल चुकी है। पिछले साल 27 अगस्त को हाईकोर्ट ने उनकी जमानत को खारिज करते हुए 72 घंटे म सरेंडर करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि लालू को सजायाफ्ता होने की वजह ये या तो जेल में होना चाहिए या अस्पताल में।

लालू के वकील प्रभात कुमार की माने तो उनकी तरफ से चारा घोटाला के दुमका कोषागार, चाईबासा कोषागार और देवघर कोषागार के मामलों में जमानत मांगी गई है।

यह भी पढ़ें : कोई असली नागरिक एनआरसी में नहीं छूटेगा, सरकार लाएगी नागरिकता विधेयक- पीएम मोदी


BY : Indresh yadav