राष्ट्रीय - राम मंदिर पर नहीं निकल सका कोई हल, 29 जनवरी तक के लिए टला मामला

राम मंदिर पर नहीं निकल सका कोई हल, 29 जनवरी तक के लिए टला मामला



Posted Date: 10 Jan 2019

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नई दिल्ली। राम मंदिर को लेकर कोर्ट में इस बार भी कोई फैसला नहीं निकल सका है। मंदिर को लेकर लोगों का इंतजार फिलहाल और बढ़ता नजर आ रहा है। राम मंदिर पर कोर्ट ने नई तारीख देते हुए मामले को 29 जनवरी तक के लिए टाल दिया है। 29 जनवरी को इस मामले की सुनवाई अब नई बेंच करेगी।

जस्टिस यू यू ललित द्वारा खुद को जजों की बेंच से अलग कर लेने के कारण यह मामला आज टल गया। हालांकि पहले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था आज वह इस मामले में तारीख तय करने के लिए ही बैंठे हैं। लेकिन जस्टिस यूयू ललित पर वकील राजीव धवन द्वारा सवाल उठाए जाने पर जस्टिस ललित ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया। जस्टिस ललित द्वारा अब इस बेंच में किसी अन्य जज की नियुक्ति की जा सकती है।

29 जनवरी को जजों की नई पीठ इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने गत वर्ष 27 सितंबर को 2:1 के बहुमत से मामले को सुप्रीम कोर्ट के 1994 के एक फैसले में की गई उस टिप्पणी को पुनर्विचार के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेजने से मना कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है. मामला अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सुनवाई के दौरान उठा था।

जब मामला 4 जनवरी को सुनवाई के लिए आया था तो इस बात का कोई संकेत नहीं था कि भूमि विवाद मामले को संविधान पीठ को भेजा जाएगा क्योंकि शीर्ष अदालत ने बस इतना कहा था कि इस मामले में गठित होने वाली उचित बेंच 10 जनवरी को अगला आदेश देगी।

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अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से संबंधित 2.77 एकड़ भूमि के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 30 सितंबर, 2010 के 2:1 के बहुमत के फैसले के खिलाफ सि में 14 अपीलें दायर की गयी हैं। उच्च न्यायालय ने इस फैसले में विवादित भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच बराबर- बराबर बांटने का आदेश दिया था।इस फैसले के खिलाफ अपील दायर होने पर शीर्ष अदालत ने मई 2011 में उच्च न्यायालय के निर्णय पर रोक लगाने के साथ ही विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।

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BY : Indresh yadav