राष्ट्रीय - आलोक वर्मा ने लिया बड़ा फैसला, अग्निशमन विभाग का डीजी बनने से इंकार, दिया इस्तीफा

आलोक वर्मा ने लिया बड़ा फैसला, अग्निशमन विभाग का डीजी बनने से इंकार, दिया इस्तीफा



Posted Date: 11 Jan 2019

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नई दिल्ली। सीबीआई में मचे विवाद ने फिर से नया मोड़ ले लिया है। आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से 24 घंटे बाद ही सेलेक्शन कमेटी द्वारा हटा दिया गया था। सेलेक्शन कमेटी ने वर्मा को अग्निशमन सेवा विभाग का डीजी यानि कि महानिदेशक बनाते हुए उनका तबादला किया था। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, ऐसे में अब आलोक वर्मा ने बड़ा फैसला लेते हुए इस विभाग का डीजी बनने से इंकार कर दिया है। वर्मा ने इस विभाग के डीजी के तौर पर जिम्मेदारी लेने से मना करने के बाद अपनी नौकरी से भी इस्तीफा दे दिया है।

वर्मा ने सीबीआई प्रमुख बनने के बाद गुरुवार शाम पांच अफसरों के तबादले किए थे, जिनमें जेडी अजय भटनागर, डीआईजी एमके सिन्हा, डीआईजी तरुण गौबा, जेडी मुरुगेसन और एडी एके शर्मा शामिल थे। जिसके बाद सीबीआई के डिप्टी निदेशक नागेश्वर राव को एजेंसी का अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया है। राव ने वो सारे ट्रांसफर ऑर्डर रद्द कर दिए जो वर्मा ने जारी किए थे।

इससे पहले मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए आलोक वर्मा ने कहा था कि उनका तबादला उनके विरोध में रहने वाले एक व्यक्ति की ओर से लगाए गए झूठे, निराधार और फर्जी आरोपों के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच करने वाली महत्वपूर्ण एजेंसी होने के नाते CBI की स्वतंत्रता को सुरक्षित और संरक्षित रखना चाहिए।

उन्होंने कहा था कि इसे बाहरी दबावों के बगैर काम करना चाहिए, मैंने एजेंसी की ईमानदारी को बनाए रखने की कोशिश की है जबकि उसे बर्बाद करने की कोशिश की जा रही थी। इसे केंद्र सरकार और सीवीसी के 23 अक्टूबर, 2018 के आदेशों में देखा जा सकता है जो बिना किसी अधिकार क्षेत्र के दिए गए थे और जिन्हें रद्द कर दिया गया।

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CBI चीफ पद से हटाए गए वर्मा ने अपने विरोधी एक व्यक्ति द्वारा लगाए गए झूठे, निराधार और फर्जी आरोपों के आधार पर समिति द्वारा तबादले का आदेश जारी किए जाने को दुखद बताया। आलोक वर्मा का ममला दिनोंदिन तूल पकड़ता जा रहा है। इसके चलते सरकार और सीबीआई के बीच चल रही रार खुलकर सबसे सामने आई है।

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BY : Indresh yadav