राष्ट्रीय - भारत बंद : सरकारी नीतियों का एक सुर में विरोध करेंगे 20 करोड़ मजदूर-किसान, बैंक-सरकारी दफ्तर के शटर होंगे डाउन

भारत बंद : सरकारी नीतियों का एक सुर में विरोध करेंगे 20 करोड़ मजदूर-किसान, बैंक-सरकारी दफ्तर के शटर होंगे डाउन



Posted Date: 08 Jan 2019

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नई दिल्ली। सरकार के एक तरफा कृषि सुधार और श्रमिक-विरोधी नीतियों के विरोध में 10 केंद्रीय श्रमिक संघों ने मंगलवार से दो दिन के राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आहवान किया है। श्रमिक संघ का आरोप है कि सरकार उनकी न्यूरनतम मजदूरी, कामगारों के स्तर तथा निजीकरण और सामाजिक सुरक्षा व रक्षा संबंधी मांगों को अनसुना कर रही है। संघों ने एक संयुक्त बयान में जानकारी दी कि करीब 20 करोड़ कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे।

ऑल इंडिया किसान सभा और भूमि अधिकार आंदोलन जैसे संगठनों ने बंद का समर्थन करते हुए ‘ग्रामीण हड़ताल’, रेल रोको औ सड़क जाम जैसे प्रयास का फैसला किया है। वहीं वाम मोर्च समर्थित मजदूर संगठनों के प्रभाव वाले राज्यों में हड़ताल का ज्यामदा असर दिखने की संभावना है।

किसानों ने भरी हुंकार

वाम दलों की किसान सभा से जुड़े किसान भी इस बंद में हिस्सा लेंगे। भारत बंद के दौरान किसानों का संपूर्ण कर्जमाफी व 3500 रुपये मासिक बेरोजगारी भत्ता देने की मांग व कई मुद्दे इस हड़ताल में शामिल किए गए है। बंद में आम लोग, श्रमिक, प्राइवेट कर्मी शामिल हो रहे हैं। इसी को देखते हुए किसानों ने अपना समर्थन दिया है। क्योंकि वह भी परेशान हो चुके हैं।

किसान अपने-अपने क्षेत्रों में रोड जाम करेंगे, जिससे कि देशव्यापी हड़ताल सफल हो सके। सीआईटीयू के महासचिव तपन सेन ने बताया कि इस आंदोलन में पब्लिक सेक्टर, लघु उद्योग बंदरगाह पर काम करने वाले कर्मी, बैंक कर्मी इंश्योरेंस कर्मी शामिल होंगे।

सरकारी बैंकों पर सबसे ज्यादा असर

8 जनवरी से शुरु हो रहे इस दो दिवसीय बंद में बैंकों के 10 संगठन भी शामिल होंगे। इन दो दिनों में बैंकों में कर्मचारी कोई कामकाज नहीं करेंगे। ऑल इंडिया बैंक इंप्लाई एसोसिएशन और बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से इंडियन बैंक एसोसिएशन को हड़ताल की जानकारी दे दी है।

ओडिशा, कर्नाटक में बंद का असर दिखना शुरु

ओडिशा, कर्नाटक में बंद के चलते अधिसूचना जारी की गआई है। हड़ताल के चलते ओडिशा के सभी स्कू‍ल, कॉलेज मंगलवार को बंद रहेंगे। वहीं बुधवार को स्कूल-कॉलेज खुलेंगे या नहीं, इस पर आज दोपहर तक फैसला होगा। कर्नाटक में राज्य परिवहन की बसें न चलने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।


BY : shashank pandey